हनफ़ी फ़िक़्ह में कसर को समझें
कसर (छोटा करना) एक शरीअत की रियायत है जिसमें मुसाफिर 4 रकात फर्ज़ नमाज़ के बजाय 2 रकात अदा करता है। हनफ़ी मज़हब में अकेले नमाज़ पढ़ने वाले या इमाम बनने वाले मुसाफिर के लिए कसर करना वाज़िब है।
कौन सी नमाज़ें कसर होती हैं?
| Salah | Normal Fard | Traveller Qaṣr Fard | Ruling |
|---|---|---|---|
| Fajr | 2 Rak‘at | 2 Rak‘at | No Change |
| Zuhr | 4 Rak‘at | 2 Rak‘at | Shortened (Qaṣr Wajib) |
| Asr | 4 Rak‘at | 2 Rak‘at | Shortened (Qaṣr Wajib) |
| Maghrib | 3 Rak‘at | 3 Rak‘at | No Change |
| Isha | 4 Rak‘at | 2 Rak‘at | Shortened (Qaṣr Wajib) |
| Witr | 3 Rak‘at | 3 Rak‘at | No Change |
यदि मुसाफिर जल्दबाजी या सवारी छूटने के डर में है, तो सुन्नत मुअक्कदा छोड़ी जा सकती है। लेकिन यदि होटल या ठहराव पर आराम से रुका है, तो सुन्नत (विशेषकर फ़ज्र की सुन्नत) पढ़ना मुस्तहब है।